MAHESH CHAUHAN NARNAULI

MAHESH CHAUHAN NARNAULI

@M_R_CHAUHAN

M R CHAUHAN shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in M R CHAUHAN's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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Sher

मदद के वास्ते जो हर घड़ी तय्यार मिलते हैं बड़ी क़िस्मत से ही दुनिया में ऐसे यार मिलते हैं — MAHESH CHAUHAN NARNAULI
क्या आलम-ए-मोहब्बत इस नौ-बहार में है सय्याद भी चमन का बुलबुल के प्यार में है — MAHESH CHAUHAN NARNAULI
देख कर जुर्म की इंतिहा लगता है है यही वक़्त ऐ कृष्ण अवतार का — MAHESH CHAUHAN NARNAULI
अदब, तहज़ीब सब कुछ भूल बैठी है नई नस्लें न जाने देखने को ओर क्या हालात बाक़ी हैं — MAHESH CHAUHAN NARNAULI

Ghazal

Nazm

“शहर-ए-ख़्वाब” कि शब तू मेरी नींदें क्यूँ नहीं लाई कई दिन हो गए उस शहर जाना है कि जिस का रास्ता नींदों से जाता है बसा है ख़ूब-सूरत शहर ख़्वाबों में यहाँ रौनक है बाज़ारों में, गलियों में महकती है फ़ज़ा फूलों की ख़ुशबू से उड़ आती तितलियाँ घर में दरीचों से शब-ए-ज़ुल्मात में भी याँ उजाला है बरसता है फ़लक से नूर रातों में यहाँ हर शख़्स जीता है रज़ा से ख़ुद यहाँ इंसानियत ज़िंदा है लोगों में यहाँ रहते हैं मुझ जैसे ही दीवाने मुहब्बत है जिन्हें पूरे ज़माने से यहाँ आब-ओ-हवा में सिर्फ़ उल्फ़त है कि ऐसे शहर की सब को ज़रूरत है कि शब तू मेरी नींदें क्यूँ नहीं लाई कि मुझ को फिर से शहर-ए-ख़्वाब जाना है — MAHESH CHAUHAN NARNAULI