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Top 10 of
Prashant Kumar
GHAZAL
जिस को देना हो उस को दे दो आज़ादी
मुझ को अच्छी लगती है अपनी बर्बादी
Prashant Kumar
10
GHAZAL
जब तक है सुनो साँस तभी तक ये जहाँ है
फिर बा'द में क्या किस को ख़बर कौन कहाँ है
Prashant Kumar
9
GHAZAL
किसी का दिल ही मिल जाए हमारी बात कर लेना
नहीं मिलता हो फिर हम को तुम अपने साथ कर लेना
Prashant Kumar
8
GHAZAL
मौत तू ही गले लगा ले आ
इस ज़माने में कौन है अपना
Prashant Kumar
7
GHAZAL
नेक़ी के रास्ते कि बदी से सने लगे
जब से दलील-बाज़ लगाने गले लगे
Prashant Kumar
6
GHAZAL
बे-वफ़ा हैं तो दामन बचा लें
वरना जूड़े में हम को सजा लें
Prashant Kumar
5
GHAZAL
आजकल सब नाम से घबरा रहे
सर न जाने कितनों के चकरा रहे
Prashant Kumar
4
NAZM
"वक़्त"
— Prashant Kumar
3
SHER
ख़ाक बस्तियों में घर रेत के बनाओगे
रोज़ रोज़ ऐसे ही ख़ूब चोट खाओगे
Prashant Kumar
2
GHAZAL
तुम्हारे बा'द से दुनिया मुझे शमशान लगती है
तुम्हारे बा'द हर महफ़िल मुझे वीरान लगती है
Prashant Kumar
1
Jaffer Imam
Harsh Raj
Shayar Sadiq hassan
Ragini Preet
Adnan Raza
Lokesh Singh
Lalit Pandey
Yuvraj Singh Faujdar
Rudransh Trigunayat
Subhash Ehsaas
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