हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Qamar Jalalvi
SHER
बस इतनी सी दूरी ये मैं हूँ ये मंज़िल
कहाँ आ के फूटे हैं पाँव के छाले
Qamar Jalalvi
10
GHAZAL
बाग़-ए-आलम में रहे शादी-ओ-मातम की तरह
फूल की तरह हँसे रो दिए शबनम की तरह
Qamar Jalalvi
9
GHAZAL
अब तो मुँह से बोल मुझ को देख दिन भर हो गया
ऐ बुत-ए-ख़ामोश क्या सच-मुच का पत्थर हो गया
Qamar Jalalvi
8
GHAZAL
राज़-ए-दिल क्यूँँ न कहूँ सामने दीवानों के
ये तो वो लोग हैं अपनों के न बेगानों के
Qamar Jalalvi
7
GHAZAL
किसी का नाम लो बे-नाम अफ़्साने बहुत से हैं
न जाने किस को तुम कहते हो दीवाने बहुत से हैं
Qamar Jalalvi
6
GHAZAL
हुस्न कब इश्क़ का ममनून-ए-वफ़ा होता है
लाख परवाना मरे शम्अ' पे क्या होता है
Qamar Jalalvi
5
GHAZAL
मिरा ख़ामोश रह कर भी उन्हें सब कुछ सुना देना
ज़बाँ से कुछ न कहना देख कर आँसू बहा देना
Qamar Jalalvi
4
GHAZAL
कभी कहा न किसी से तिरे फ़साने को
न जाने कैसे ख़बर हो गई ज़माने को
Qamar Jalalvi
3
SHER
ज़ब्त करता हूँ तो घुटता है क़फ़स में मिरा दम
आह करता हूँ तो सय्याद ख़फ़ा होता है
Qamar Jalalvi
2
SHER
ज़रा रूठ जाने पे इतनी ख़ुशामद
'क़मर' तुम बिगाड़ोगे आदत किसी की
Qamar Jalalvi
1
Javed Nadeem
Zafar Gorakhpuri
Khurram Afaq
Shakeel Badayuni
Gulzar
Kafeel Aazar Amrohvi
Kaif Bhopali
Saba Akbarabadi
Kashif Adeeb Makanpuri
Bano Tahira Sayeed