rota hua vo baam mujhe yaad hai abhii | रोता हुआ वो बाम मुझे याद है अभी

  - Yashab Tamanna

रोता हुआ वो बाम मुझे याद है अभी
दिल में बिखरती शाम मुझे याद है अभी

फिर कैसे हो गया है वही शख़्स इतना ख़ास
समझे थे जिस को आम मुझे याद है अभी

हम और साथ साथ कभी इस तरह मिलें
जैसे ख़याल-ए-ख़ाम मुझे याद है अभी

वो गुफ़्तुगू निगाहों निगाहों में याद है
सरगोशी में सलाम मुझे याद है अभी

कैसे सँभल सँभल के बड़ा देख-भाल कर
हम तुम थे हम-कलाम मुझे याद है अभी

क्या दिन थे ख़्वाहिशों की बड़ी रेल-पेल थी
जज़्बों का इज़िदहाम मुझे याद है अभी

पूछा कि मेरे दिल में इक़ामत है कब तलक
उस ने कहा मुदाम मुझे याद है अभी

पूछा कि ज़िंदगी में मिरा हम-सफ़र है कौन
मैं ने कहा ग़ुलाम मुझे याद है अभी

अब तक वो ज़ाइक़ा भी मुझे याद है 'यशब'
हम ने पिया था जाम मुझे याद है अभी

  - Yashab Tamanna

Dil Shayari

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