पलकें पागल कर देती हैं
ज़ुल्फ़ें पागल कर देती हैं
मत दिख ना उस को के उस की
नज़रें पागल कर देती हैं
दिलकश लड़की है पर उस की
क़स
में पागल कर देती हैं
गोश-ए-दिल से सुनना गज़लें
गज़लें पागल कर देती हैं
रह जाता हूँ तन्हा तो ये
शा
में पागल कर देती हैं
हर शब मेरे अफसाने की
किरनें पागल कर देती हैं
आओ रिश्ते में फिर देखो
बाहें पागल कर देती हैं
— Adarsh Anand Amola















