तरीका आप का अच्छा नहीं है

अचानक कह दिया रिश्ता नहीं है

किसी को आज तक रोका नहीं है
हमारा दिल कोई पिंजरा नहीं है

अगर ये हुस्न वाले बा वफ़ा हों
मुहब्बत आग का दरिया नहीं है

तुम्हारा ज़िक्र जाना अब जिधर हो
हमारा दिल उधर लगता नहीं है

यक़ीनन ख़ुद-कुशी करना ग़लत है
मगर अब दूसरा रस्ता नहीं है

तुम्हें हम भूल कर भी जी सकेंगे
हमारे पास वो जज़्बा नहीं है

दिखाता है हमेशा मुस्कुराता
हमारा आइना सच्चा नहीं है

यहीं पर देखलो चेहरा हमारा
तुम्हें तो क़ब्र पर आना नहीं है

तवाइफ़ ने लिखा था दर पे अपने
बदन के साथ दिल बिकता नहीं है

हमारे इश्क़ ने ही ग़म जना है
तभी औलाद से शिकवा नहीं है

ये जाना कूचा-ए- जानाँ में आ कर
वफ़ादारों का ये क़स्बा नहीं है

मुझे तो आपने रोना सिखाया
मेरी आँखों का ये पेशा नहीं है

— Anas Khan

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