किसी का डर नहीं जो मेरे पास तुम हो तो

रहेगा कोई भला क्यूँ उदास तुम हो तो

जो तुम न हो तो पड़े फ़र्क़ कैसे क्या मुझ को
है होना ठीक मेरा ख़ुश-लिबास तुम हो तो

नहीं है इंतिहा इन रंज-ओ-ग़म की माना पर
किसी से क्या ही कहूँ ग़म-शनास तुम हो तो

अदब की क्लास में वैसे तो जी नहीं लगता
मगर ये क्यूँ नहीं आएगी रास तुम हो तो

हूँ मानता नहीं मख़्सूस मैं तुम्हारे लिए
मगर किसी के लिए सब से ख़ास तुम हो तो

— Ayush Aavart

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Mehman Shayari

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