मुरझा गया मैंने दिया था जो गुलाब
अच्छा लगा था प्लास्टिक का तो गुलाब
ये देख कर तुझको नहीं आया समझ
काँटा नहीं है साथ में देखो गुलाब
आसान होगी ज़िंदगी जो तुम हो मौन
चुप रह के सबको प्यार से दे दो गुलाब
जिस फूल का माली नहीं कोई यहाँ
उस फूल को भगवान का मानो गुलाब
गहरा बनेगा घाव दिल पर और भी
हर रोज़ दोगे 'इश्क़ में जिसको गुलाब
सूनी रहे है कोख जिनकी वो कपल
गर बेसहारा का बने वो जो गुलाब
इस देश में हर रंग के है शहर यार
जयपुर को तो है रंग ही प्यारो गुलाब
सच्चा नहीं कोई यहाँ अच्छा वही
जो सामने से आके दे मुझको गुलाब
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