वो चाँद बन आएँगे मुझ सेे बात करने के लिए
उन सेे कहो वो ज़ुल्फ़ें खोलें रात करने के लिए
सूरज यहाँ जलता रहा पर भोर ये होती नहीं
अपनी नज़र कर दो इधर लमआत करने के लिए
दिल की ज़मीं बंजर पड़ी तेरे बिना सावन नहीं
अब प्यार की दरकार है बरसात करने के लिए
अरमाँ कहो हसरत कहो चाहत कहो कह दो जुनूँ
दिल खोल कर तैयार हूँ जज़्बात भरने के लिए
इक डोर ये लड़ती रही यादों की इक तलवार से
यादें तेरी तैयार मुझ पर घात करने के लिए
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