दिल कहे है वार मुझ को
तिश्नगी पे हार मुझ को
हाल है नाशाद मेरा
देख ले इक बार मुझ को
नाख़ुदा तू डर गया है
दे ज़रा पतवार मुझ को
चाँद तारे जल गए हैं
देख कर इस बार मुझ को
ये तिरी ख़ामोश नज़रें
कर गईं बेज़ार मुझ को
— Prasoon
तिश्नगी पे हार मुझ को
हाल है नाशाद मेरा
देख ले इक बार मुझ को
नाख़ुदा तू डर गया है
दे ज़रा पतवार मुझ को
चाँद तारे जल गए हैं
देख कर इस बार मुझ को
ये तिरी ख़ामोश नज़रें
कर गईं बेज़ार मुझ को
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