इस को क्या समझाना जानाँदिल तो है दीवाना जानाँजब ख़ुद को बिसराया मैं नेतब तुम को पहचाना जानाँसारा जग ठुकराएगा जबतुम मुझ को अपनाना जानाँतुम से हिजरत का मतलब हैचेहरे का मुरझाना जानाँदर्द-ओ-ग़म से भर जाना हैज़ख़्मों का भर जाना जानाँ— Prasoon