कोई झूठी गुज़ारिश क्यूँ करेगा
अगर करनी हो साज़िश क्यूँ करेगा
जिसे बस इश्क़ से मतलब रहा है
वो जिस्मों की नुमाइश क्यूँ करेगा
उसे सब चाँद कहते हैं ज़मीं पर
कोई पाने की कोशिश क्यूँ करेगा
वो मुझ को जानकर भी भूल बैठा
वो अब मेरी सिफ़ारिश क्यूँ करेगा
मुहब्बत जान लेगी जानकर भी
भला रंजन ये ख़्वाहिश क्यूँ करेगा
— Ranjan Kumar Barnwal















