bichadkar tumse giryaa kyun karen ham | बिछड़कर तुमसे गिर्या क्यूँ करें हम

  - Shajar Abbas

बिछड़कर तुमसे गिर्या क्यूँ करें हम
ये दिल का बोझ हल्का क्यूँ करें हम

किसी के डर से तौबा क्यूँ करें हम
किसी चौख़ट पे सज्दा क्यूँ करें हम

ख़ुदा ग़ासिब पे लानत भेजता है
किसी के दिल पे क़ब्ज़ा क्यूँ करें हम

हमारे साथ गर धोका हुआ है
किसी के साथ धोका क्यूँ करें हम

ये कह के फोन उसने रख दिया था
बताओ तुम पे ग़ुस्सा क्यूँ करें हम

भरोसा तोड़ा है तुमने हमारा
सो तुम पर अब भरोसा क्यूँ करें हम

उन्होंने दिल दुखाया है हमारा
ख़ुदा से इसका शिकवा क्यूँ करें हम

अभी पहला ही वा'दा है अधूरा
दुबारा तुमसे वा'दा क्यूँ करें हम

तुम्हारी बे-वफ़ाई याद कर के
पुराना ज़ख़्म ताज़ा क्यूँ करें हम

हमारा दिल मदीना है मदीना
इसे बतलाओ कूफ़ा क्यूँ करें हम

तमन्ना तुम नहीं करती हमारी
तुम्हारी फिर तमन्ना क्यूँ करें हम

शजर को बेवफ़ा कमज़र्फ कहकर
भरी महफ़िल में रुसवा क्यूँ करें हम

  - Shajar Abbas

One sided love Shayari

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