वो हुस्न था शराब जो वाजिब हुआ नहीं
कहने के बावजूद भी मैं ने छुआ नहीं
हासिल नहीं हुआ वो तो हम ने भी उम्र ये
सज्दे में काट दी है मगर की दुआ नहीं
लगने लगें जो दाग़ परीज़ाद तुम पे तो
कहना हमारे बीच में कुछ भी हुआ नहीं
— Subodh Sharma "Subh"
कहने के बावजूद भी मैं ने छुआ नहीं
हासिल नहीं हुआ वो तो हम ने भी उम्र ये
सज्दे में काट दी है मगर की दुआ नहीं
लगने लगें जो दाग़ परीज़ाद तुम पे तो
कहना हमारे बीच में कुछ भी हुआ नहीं
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