आधा ज़ाहिर है आधा जादू है
तुम ही बोलो ये कैसा जादू है
इतना ज़्यादा रौशन पर्दा है गर
तो पक्का अंदर चेहरा जादू है
उन आँखों के बारे में क्या कहना
घर की छोड़ो वो नक़्शा जादू है
गायब होता उस झोले से सब कुछ
आख़िर मंत्री का वा'दा जादू है
वो जो तुम को थोड़ा भी अपना है
हो सकता है वो पूरा जादू है
मैं कैसे जानूँ अंदर का जादू
मैं समझा ख़ाली कपड़ा जादू है
उस के कुन से तू क़ाबिल हो पाया
फिर कहता है ये तेरा जादू है
— Sumer Soni















