मैं अपनी इन निगाहों में फ़क़त इक ये असर देखूँइधर देखूँ उधर देखूँ तुझे देखूँ जिधर देखूँहुआ है दीद का तेरे असर ऐसा इन आँखों परनज़र हटती नहीं तुझ से तुझे जब इक नज़र देखूँ— Tanya gupta