tum kaha phir ham hue hain KHair ye bhi theek hai | तुम कहा फिर हम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

  - Tiwari Jitendra

तुम कहा फिर हम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है
फ़ासलें तो कम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

जब तबीबों की दवा भी काम आने से रही
ख़त तेरे मरहम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

वो मुझे जो छोड़ कर जाते रहें आते रहें
दूर उनके ग़म हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

बेघरों को हमने अपना घर दिया दामन दिया
अपने सब बरहम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

यार मिलने में ख़ुदा की कुछ इनायत थी सनम
दीप सब मद्धम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

प्यार पहला है अभी सब कुछ लगेगा खेल है
नाम ही सरगम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

जीत कर बैठे रहे हम दिल किसी का 'उम्र भर
प्रेम के मौसम हुए हैं ख़ैर ये भी ठीक है

  - Tiwari Jitendra

Charagh Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Tiwari Jitendra

As you were reading Shayari by Tiwari Jitendra

Similar Writers

our suggestion based on Tiwari Jitendra

Similar Moods

As you were reading Charagh Shayari Shayari