hona to nahin chahiye par jaan hua to | होना तो नहीं चाहिए पर जान हुआ तो

  - Vishnu virat

होना तो नहीं चाहिए पर जान हुआ तो
ये डर है तेरा दिल कहीं ज़िंदान हुआ तो

मेरी तो ये हसरत है मज़ा लूँ मैं तपन का
पर आग का कुछ और ही अरमान हुआ तो

दुत्कार दिया हमने उसे कह के भिखारी
दरवेश के उस भेस में सुलतान हुआ तो

ख़्वाबों में तेरे लम्स से मैं काँप रहा हूँ
ये हादसा गर वस्ल के दौरान हुआ तो

ये सोच के घबराता है हर एक सिपाही
अर्जुन का अगर मेरी तरफ़ ध्यान हुआ तो

क्या हो कि सभी लोग फ़क़त वहम हों मेरा
दुनिया में अकेला ही मैं इंसान हुआ तो

  - Vishnu virat

Terrorism Shayari

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