सुनलो मेरे यार की बातेंगुल करता है ख़ार की बातेंउस के बारे में होती हैंमेरी और दीवार की बातेंपीते हैं ले के उधारी औरकरते हैं पिंदार की बातेंतू ने मारे लाखों बंदेतू मत कर उपकार की बातेंहँसता हूँ जब उस का सोहरकरता है दस्तार की बातें— AKASH