उठतेहुएतूफ़ानकामंज़रनहींदेखा
देखोमुझेगरतुमनेसमुंदरनहींदेखा
गुज़राहुआलम्हाथाकिबहताहुआदरिया
फिरमेरीतरफ़उसनेपलटकरनहींदेखा
इकदश्तमिलाकूचा-ए-जानाँसेनिकलकर
हमनेतोकभीइश्क़कोबे-घरनहींदेखा
थेसंगतोबेताबबहुतनक़्श-गरीको
हमनेहीउन्हेंआँखउठाकरनहींदेखा
इकउम्रसेहैजोमिरीवहशतकाठिकाना
ख़ुशियोंकीतरहतूनेभीवोघरनहींदेखा
नफ़रतभीउसीसेहैपरस्तिशभीउसीकी
इसदिलसाकोईहमनेतोकाफ़रनहींदेखा
ख़्वाहिशकोयहाँहस्ब-ए-ज़रूरतनहींपाया
हासिलकोयहाँहसब-ए-मुक़द्दरनहींदेखा
हरहालमेंदेखाहैउसेज़ब्तकापैकर
'तिश्ना'कोकभीज़र्फ़सेबाहरनहींदेखा