शाहसाज़ी में रियायत भी नहीं करते हो
सामने आकर हुकूमत भी नहीं करके हो
वॉल पर चीखते रहते हो कि मज़लूम हैं हम
और सिस्टम से बगावत भी नहीं करते हो
तुमसे क्या बात करूँ कौन कहाँ क़त्ल हुआ
तुम तो इस ज़ु़ल्म पर हैरत भी नहीं करते हो
अब मेरे हाल पर क्यूँ तुमको परेशानी है
अब तो तुम मुझसे मोहब्बत भी नहीं करते हो
प्यार करने की सनद कैसे तुम्हें जारी करूँ
तुम अभी ठीक से नफ़रत भी नहीं करते हो
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