दरून-ए-दिलजोचराग़जलतेरहेमुसलसल
हैंउनसेआँखोंमेंनूरकेसिलसिलेमुसलसल
कहींपेमरतेहैंभूकसेकुछयतीमबच्चे
कहींपेकासेहैंसाइलोंकेभरेमुसलसल
मिरीउदासीपेइसतरहतूउदासमतहो
किज़ख़्मरहतेनहींहैंअक्सरहरेमुसलसल
वोख़्वाबआँखोंमेंभरसकेयाउन्हेंगँवादे
वोअपनेडरपेतोबातखुलकरकरेमुसलसल
कभीख़ुशीमेंभीअश्कआँखोंमेंआगएऔर
कहींउदासीमेंमुस्कुरानापड़ेमुसलसल
येउसकीज़िदमें'अनमता'नींदोंसेलड़पड़ीथीं
हमअपनीआँखोंसेदेरतकशबलड़ेमुसलसल