उदास लोगों को क्यूँँ कर ये ख़ुद
ख़ुशी अज़ीज़
तुम्हें जो देख ले उस को तो ज़िन्दगी हो अज़ीज़
मैं उस की आँखों में खोया हूँ एक मुद्दत से
बला से तुम को सितारों की रौशनी हो अज़ीज़
वो बेबसी भी अगर उस की सम्त में आए
मैं क्या बताऊँ की मुझ को वो बेबसी हो अज़ीज़
वो कौन शख़्स है जिस का ये दिल धड़कता नहीं
वो कौन शख़्स है जिस को ना आशिक़ी हो अज़ीज़
— Ananya Rai Parashar















