तेरी यादों में ऐसे जलते हैं
लम्हा हर लम्हा हम पिघलते हैं
हम तो चलते हैं मस्त राहों में
दुनिया वाले बहुत सँभलते हैं
मेरे अपने मेरी कहानी में
रंग किरदार के बदलते हैं
जिंदग़ी छूट जाती है पीछे
उस की गलियों से जब निकलते हैं
वो दिवाने हुए 'अनन्या' के
जो मेरे साथ-साथ चलते हैं
— Ananya Rai Parashar















