तुझ को अब इस क़दर छोड़ देंगे
इश्क़ का ये सफ़र छोड़ देंगे
याद तेरी बसा कर के दिल में
जानाँ ख़ुद की ख़बर छोड़ देंगे
एक दिन घर को लौटेंगे अपने
एक दिन ये नगर छोड़ देंगे
— Krishnavat Ritesh
इश्क़ का ये सफ़र छोड़ देंगे
याद तेरी बसा कर के दिल में
जानाँ ख़ुद की ख़बर छोड़ देंगे
एक दिन घर को लौटेंगे अपने
एक दिन ये नगर छोड़ देंगे
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