ये जहां है हिसार औरत का
है सभी पर उधार औरत का
खूबियाँ और भी हैं उसमें पर
सबने देखा निखार औरत का
आदमी को तो फिर भी छुट्टी है
रह्न है पर करार औरत का
रौनक़े घर की सब इन्हीं से हैं
घर करे इंतज़ार औरत का
जन्म औरत की कोख से लेकर
मर्द करते शिकार औरत का
घर में सब का ख़्याल रखती है
है यही रोज़गार औरत का
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