मोहब्बतमेंजफ़ाक्याहैवफ़ाक्या
वोयेपूछेंतोशिकवोंकामज़ाक्या
क़यामतसेडरातीक्यूँँहैदुनिया
क़यामतसेहैकमउनकीअदाक्या
जहाँतौहीन-ए-अर्ज़-ओ-इल्तिजाहो
वहाँपरअर्ज़कैसीइल्तिजाक्या
बग़ावतऔरफिरइनकीरज़ासे
मोहब्बतमेंदु'आक्यामुद्दआ'क्या
किसीदश्त-ओ-बयाबाँकीइकआवाज़
हमारेसाज़-ए-हस्तीकीसदाक्या
मिरीनज़रोंसेपूछोहुस्नअपना
बतासकताहैतुमसेआइनाक्या
ब-जुज़अश्कोंकीबूँदेंऔरआहें
'जलील'आख़िरमोहब्बतसेमिलाक्या