कोईनज़रकिसीआलममेंकामयाबनहीं
तिलिस्म-ए-सूरत-ओ-मा'नीतिराजवाबनहीं
नफ़सनफ़समेंअगरज़ौक़-ए-इंक़लाबनहीं
फ़रेब-ए-मस्ती-ए-पिंदारहैशबाबनहीं
ब-क़द्र-ए-ज़र्फ़तलबगारहैउरूज-ओ-ज़वाल
ज़मींपेहैवहीज़र्राजोआफ़्ताबनहीं
हज़ारसालभीग़फ़्लतकेदेनहींसकते
उसएकलम्हाकीक़ीमतजोसिर्फ़ख़्वाबनहीं
हुजूम-ए-शौक़मेंकोईनज़रसमझनसकी
शुऊ'र-ए-दीदकीता'लीमथीहिजाबनहीं
बरा-ए-अफ़्वगुनहगारकीतरफ़जोउठे
उसइकनिगाह-ए-करमकाकोईजवाबनहीं
दिलोंकोसीनोंमेंधड़काकेरहगयाहै'कैफ़'
वोइंक़लाबकाधोकाथाइंक़लाबनहीं