ख़ुदहीउछालूँपत्थरख़ुदहीसरपरलेलूँ
जबचाहूँसूनेमौसमसेमंज़रलेलूँ
आईनेसेमेराक़ातिलमुझकोपुकारे
लाओमैंभीअपनेहाथोंपत्थरलेलूँ
जिनरस्तोंनेजानओदिलपरज़ख़्मसजाए
उनरस्तोंसेपूजनेवालेपत्थरलेलूँ
मैंशंकरसेज़हरकाप्यालाछीनकेपीलूँ
लहजेकेइसकर्बमेंसारेमंज़रलेलूँ
मुझसेकहेतोअपनेदिलकीबातवोज़ालिम
उसकेदिलकाबोझमैंअपनेसरपरलेलूँ
कुछलेदेकरबातबनालूँअपनी'कैफ़ी'
कुछदुनियाकोहँसकरदूँकुछरोकरलेलूँ