ज़िन्दगी ऐसी हमारी चल रही है

सब तुम्हारी ही तुम्हारी चल रही है

हर नए दिन इक बला का सामना है
क्या जवानी की सवारी चल रही है

कुछ समझ के काम ले, कल देख मेरा
हाँ अभी तो कुछ उधारी चल रही है

अब तुम्हें जाने नहीं दे सकता दिल में
दिल के अंदर मारा मारी चल रही है

साँस चलती है तो यूँ लगता है 'मौनू'
अब यही पर बस तुम्हारी चल रही है

— Manish Sevak 'Mewari'

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Jawani Shayari

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