आईनादेखअपनासामुँहलेकेरहगए
साहबकोदिलनदेनेपेकितनाग़ुरूरथा
क़ासिदकोअपनेहाथसेगर्दननमारिए
उसकीख़तानहींहैयेमेराक़ुसूरथा
ज़ोफ़-ए-जुनूँकोवक़्त-ए-तपिशदरभीदूरथा
इकघरमेंमुख़्तसरबयाबाँज़रूरथा
ऐवाए-ग़फ़लत-ए-निगह-ए-शौक़वर्नायाँ
हरपारासंगलख़्त-ए-दिल-ए-कोह-ए-तूरथा
दर्स-ए-तपिशहैबर्क़कोअबजिसकेनामसे
वोदिलहैयेकिजिसकातख़ल्लुससुबूरथा
हररंगमेंजला'असद'-ए-फ़ित्ना-इन्तिज़ार
परवाना-ए-तजल्ली-ए-शम-ए-ज़ुहूरथा
शायदकिमरगयातिरेरुख़्सारदेखकर
पैमानारातमाहकालबरेज़-ए-नूरथा
जन्नतहैतेरीतेग़केकुश्तोंकीमुंतज़िर
जौहरसवाद-ए-जल्वा-ए-मिज़्गान-ए-हूरथा