हमारे बीच आया तीसरा क्यूँ
मैं इस को सोच कर शब भर जगा क्यूँ
बता मेरे ख़ुदा ये इश्क़ मुझ को
नहीं मिलना ही था तो फिर हुआ क्यूँ
मुआ'फ़ी माँग लेता हूँ मैं पहले
न कहना बा'द में के सच कहा क्यूँ
उसे रोते हुए देखा तो जाना
हँसाता है हमेशा मसखरा क्यूँ
जो सच में मार देना ही था मक़्सद
गई फिर छोड़ के यूँ अधमरा क्यूँ
— Murari Mandal















