कोई मुझ सेे भी पूछे कैसा हूँ
मैं भी तो इस दुनिया में रहता हूँ
पहले रोता था तो सो जाता था
अब जो रोता हूँ तो बस रोता हूँ
मैं ने भी तोड़ा है ये दिल अपना
यारों अब मैं भी उस के जैसा हूँ
वो भी आएगा मरने पे मेरे
मैं तो ये सुन कर ही मर जाता हूँ
— NISHKARSH AGGARWAL















