रौशनीभरख़लापेबारथेहम
धुँदमंज़रपस-ए-ग़ुबारथेहम
धूपमेंआएतोसुकूनमिला
छाँवमेंथेतोदाग़दारथेहम
कोईदस्तकनकोईआहटथी
मुद्दतोंवहमकेशिकारथेहम
बुत-गरीमेंहुनरभीशामिलथा
संग-साज़ीसेहोशियारथेहम
क़र्ज़कोईभीजिस्मओजाँपेनथा
ज़िंदगीपरमगरउधारथेहम
ज़ुल्मतेंतोचराग़-ए-ख़ेमाथीं
ख़ल्वतोंकेगुनाहगारथेहम
फ़िक्रओमअ'नीतलाज़
मेंतश्बीह
ऐग़ज़लतेरेजाँ-निसारथेहम
'रिंद'थाबेकसीकालुत्फ़अजीब
घरमेंरहकरभीबे-दयारथेहम