इतिहास है गवाह कि मुफ़लिस के ख़ून से
जीती गई हैं जंग सभी इस के ख़ून से
स्कूलों में पढ़ेंगे तो क्या भूल जाएँगे
आया था इंकलाब मदारिस के ख़ून से
कानून की नज़र में वो दुश्मन हो जाएँगे
बू-ए-मुहब्बत आएगी जिस जिस के ख़ून से
वो जाने वाला आग लगा कर चला गया
मत पूछ अब बुझेगी ये किस किस के ख़ून से
— Abuzar kamaal















