क्यूँँनअफ़्साना-ए-ग़मकैफ़काउनवाँठहरे
शिद्दत-ए-दर्दहीजबदर्दकादरमाँठहरे
जिसजगहहमसाकोईचाक-ए-गरेबाँठहरे
शौक़सेआकेवहाँफ़स्ल-ए-बहाराँठहरे
उसकेदामनकीतरफ़हाथबढ़ाऊँकैसे
जिसकेदामनकीमहकशो'लगी-ए-जाँठहरे
मंज़िलेंआतीहैंऔरआकेगुज़रजातीहैं
देखिएजाकेकहाँक़ाफ़िला-ए-जाँठहरे
पिछलेवा'देजोनहींयादतोक्याबातहुई
फिरकोईअहद-ए-वफ़ाफिरकोईपैमाँठहरे
आपकोदेखूँतोहोदूरमिरीतिश्ना-लबी
आपआजाएँतोजज़्बातकातूफ़ाँठहरे
शोख़ी-ए-दस्त-ए-सबासतोकोईकुछनकहे
मेरेसरतोहमत-ए-गेसू-ए-परेशाँठहरे