वोरुख़्सतकीघड़ीवोदीदा-ए-नमयादआतेहैं
नजानेआजक्यूँँभूलेहुएग़मयादआतेहैं
येचश्म-ए-दोस्तकीसाज़िशनहींतोऔरफिरक्याहै
किमेरेमुंदमिलज़ख़्मोंकेमरहमयादआतेहैं
हुआहैजबसेदिलसैद-ए-सितम-हा-ए-ग़म-ए-दौराँ
वोयादआतेतोहैंलेकिनबहुतकमयादआतेहैं
यहाँहमग़मग़लतकरनेकोआएथेमगरसाक़ी
क़यामतहैकिमयख़ानेमेंभीग़मयादआतेहैं
कोईजबछेड़ताहैक़िस्सा-ए-दार-ओ-रसन'क़ैसर'
तोदीवानोंकोउनकीज़ुल्फ़केख़मयादआताहै