ham to yaa marte hain waan us ko khabar kuchh bhi nahin | हम तो याँ मरते हैं वाँ उस को ख़बर कुछ भी नहीं

  - Qalaq Merathi
हमतोयाँमरतेहैंवाँउसकोख़बरकुछभीनहीं
वोसबकुछहीसहीइश्क़मगरकुछभीनहीं
तुमकोफ़रियाद-ए-सितम-कशकाख़तरकुछभीनहीं
कुछतोउल्फ़तकाअसरहैकिअसरकुछभीनहीं
आफ़ियतएकऔरआज़ारहज़ारोंउसमें
जिसकोकुछसूदनहींउसकोज़ररकुछभीनहीं
ख़ल्वत-ए-राज़मेंक्याकामहैहंगा
मेंका
हैख़बर-दारवहीजिसकोख़बरकुछभीनहीं
तूऔरइकशानकिआलमकीनज़रमेंक्याकुछ
मैंऔरइकजानकिफिरतेहीनज़रकुछभीनहीं
रहमहैउसकाहीआशोब-ए-क़यामतकीदलील
जिससेबेज़ारहैवोउसकोख़तरकुछभीनहीं
हमकोइसहौसलेपेक्यूँँकिफ़लकदेसामाँ
शिकवा-ए-बारहैऔरमिन्नत-ए-सरकुछभीनहीं
राही-ए-मुल्क-ए-अदमहैंनहींफ़िक्र-ए-मंज़िल
क़स्दरखतेहैंउधरकाकिजिधरकुछभीनहीं
ज़ीस्तअफ़्सून-ए-तमाशाहैतवहहुमकेलिए
होतीहैजल्वा-नुमामिस्ल-ए-शररकुछभीनहीं
ख़ुद-परस्तीकेसबबशैख़-ओ-बरहमनकोहैख़ब्त
सबइधरहीकीबनावटहैउधरकुछभीनहीं
आक़िबत-बींकोहैहरबज़्मकीशादीमातम
शम्अ'''रोतीहैकिहोतेहीसहरकुछभीनहीं
रोज़-ए-फ़ुर्क़तकीदराज़ीसेदेखेशब-ए-हिज्र
हसरत-ए-शाममेंतशवीश-ए-सहरकुछभीनहीं
जानतेहैंकिभटकेगाजहाँक्याक्याकुछ
देखतेहैंकिउन्हेंमद्द-ए-नज़रकुछभीनहीं
'क़लक़'पीतेहीमस्जिदमेंचलेआतेहो
बे-ख़बरकितनेहोतुमभीकिख़बरकुछभीनहीं
  - Qalaq Merathi
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