ha | हमें मालूम होता है कि क्या करना ज़रूरी है

  - Ravi Prakash
हमेंमालूमहोताहैकिक्याकरनाज़रूरीहै
किधरजानादिखावाहै,कहाँरहनाज़रूरीहै
मगरसबजानकरभीहमग़लतकासाथदेतेहैं
बशर्तेहैपता,हालतसमझपानाज़रूरीहै
नाजानेक्यूँँ,येमेरादिलमुझीसेजीतजाताहै
मैंजबभीसोचताहूँइसकोसमझानाज़रूरीहै
येकितनीबारलगताहैकिहरहदसेगुज़रजाएँ
हालाँकिजानतेहैंहमठहरजानाज़रूरीहै
जिन्होंनेख़्वाबदेखेहैंदो-आलमफ़तहकरनेके
उन्हेंदरिया-ए-ग़मसेतैरकरजानाज़रूरीहै
लगेगायेजोअपनेहैं,इन्हींकेसाथरहनाहै
मगरयेख़्वाबहै,इससेेनिकालजानाज़रूरीहै
मिलेगाक्या,जोबसबैठारहातूआसमेंरबकी?
तूशाहींहै!तुझेपरवाज़परजानाज़रूरीहै
  - Ravi Prakash
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Aasra Shayari

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