अफ़्कारकेसाँचेमेंढलीताज़ाग़ज़लहै
यावक़्तकेपेचीदासवालातकाहलहै
येसंगकीबुनियादपेता'मीरनहोगा
येमेरेतख़य्युलकाहसींशीश-महलहै
मैंअपनीमोहब्बतकाबदलढूँडरहाहूँ
वोकौनहैजोमेरीमोहब्बतकाबदलहै
ऐतार-ए-नफ़सटूटभीजादेरनकरअब
एहसासकीबालींपेखड़ीकबसेअजलहै
जोअर्सा-ए-माज़ीहैमुअर्रिख़कीनज़रमें
शाइ'रकीनिगाहोंमेंवोगुज़राहुआपलहै
जोहिज्रकेमौसममेंखुलेदाग़कीसूरत
वोफूलब-अल्फ़ाज़-ए-दिगरआगकाफलहै
मैंदर्स-ए-तहम्मुलहूँ'सबा'राह-ए-तलबमें
दुनियायेसमझतीहैकिबाज़ूमिराशलहै