अब लिखा हर शे'र मेरा फिर वो खोया इश्क़ माँगे
मैं नहीं मेरा लिखा जो है वो तेरा इश्क़ माँगे
दर्द ग़म पीड़ा यही सब थे मिले बस मुझ को तुम से
देख फिर भी तुझ सेे हम ये जान-लेवा इश्क़ माँगे
हो रहे बर्बाद 'आशिक़ इश्क़ में देख इक सदी से
फिर भी देखो लोग अब भी बे-तहाशा इश्क़ माँगे
साफ़ दिल की है नहीं चाहत यहाँ लोगों को “शामिल”
हर कोई अब तो यहाँ बस देख चेहरा इश्क़ माँगे
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