देखो ये जो हालत है मेरी
बस वो लड़की आफ़त है मेरी
दुनिया उस को जो भी बोले पर
अब वो आफ़त आदत है मेरी
रोज़ नहीं लड़ सकता उस से मैं
वो इकलौती चाहत है मेरी
उस की एक हँसी में जादू है
उस की आँखें राहत है मेरी
याद नहीं है उस को कुछ भी अब
सब बेकार इबादत है मेरी
— Shantanu Sharma















