shikaar aapko jab shikaari lage | शिकार आपको जब शिकारी लगे

  - Shivang Tiwari

शिकार आपको जब शिकारी लगे
तो सर पर 'अजब ख़ौफ़ तारी लगे

जिसे आख़िरत अपनी प्यारी लगे
इबादत उसे फिर न भारी लगे

है नादिम वो अपनी ख़ता पर मगर
ज़माने को ये ख़ाकसारी लगे

भरोसा उठा है तभी से हमें
मोहब्बत तेरी इश्तिहारी लगे

किसी की न लग जाए इसको नज़र
ये यारी हमें सब सेे प्यारी लगे

नज़र से अगर कोई गिर जाए तो
हमें उसका हँसना भी कारी लगे

ग़ज़ल ऐसी कहना है तुम को ‘शिवम्’
जहाँ में सभी को जो प्यारी लगे

  - Shivang Tiwari

Duniya Shayari

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