क्यासहेजेंक्याछुपाएँढूँढ़तेहैं
आज-कलहमदाएँ-बाएँढूँढ़तेहैं
पेड़टहनीघोंसलासबकुछजलाकर
परपरिंदोंकेदिशाएँढूँढ़तेहैं
हाथकाछज्जाबनाकरआँखपरहम
चेहरा-चेहराभावनाएँढूँढ़तेहैं
ख़ुदकोदेनीथीसज़ाकुछग़लतियोंकी
मनहीमनअबयातनाएँढूँढ़तेहैं
दर्दकीजड़घरकेआँगनमेंथीअपने
हमदुकानोंपरदवाएँढूँढ़तेहैं