मंज़िलोंउसकोआवाज़देतेरहेमंज़िलोंजिसकीकोईख़बरभीनथी
दामन-ए-शबमेंकोईसितारानथाशम्अ''कोईसर-ए-रहगुज़रभीनथी
इकबगूलाउठादश्तमेंखोगयाइककिरनथीजोज़ुल्मतमेंगुमहोगई
ज़िंदगीजिसकोसमझेथेहमज़िंदगीज़िंदगीमिस्ल-ए-रक़्स-ए-शररभीनथी
फ़स्ल-ए-गुलसेथाआबादसेहन-ए-चमनफ़स्ल-ए-गुलजोगईरौनक़ेंलुटगईं
यूँँख़मोशीसेशाम-ए-ख़िज़ाँआएगीअहल-ए-गुलशनकोइसकीख़बरभीनथी
इसतरहमंज़िल-ए-आरज़ूकटगईइसतरहयेघनीतीरगीछटगई
अपनेपाँवपेयारोख़राशेंतोक्याअपनेचेहरेपेगर्द-ए-सफ़रभीनथी
फिरसेआँखोंकेसाग़रछलकनेलगेमौज-दर-मौजआँसूनिकलनेलगे
'ताब'घरमेंवोमेहमानफिरआगयाजिसकेआनेकीकोईख़बरभीनथी