आप से रूठ कर हम किधर जाएँगे

आप के बिन तो जैसे यूँ मर जाएँगे

दो क़दम दूर तुम से अगर जाएँगे
तुम ही तुम बस दिखोगे जिधर जाएँगे

जान सकता नहीं कब हुआ क्या हुआ
आप आँखों से दिल में उतर जाएँगे

रास्ते ज़िंदगी के मिलें तो मिलें
आप को पा गए तो सँवर जाएँगे

कोई पूछेगा गर ग़म दिए आप ने
हँसते हँसते ही हम तो मुकर जाएँगे

साथ ही साथ में अब रहेंगे यूँ हम
तुम जिधर जाओगे हम उधर जाएँगे

लापता हैं बहुत अपने ही आप से
आप से मिल के हम तो निखर जाएँगे

अपना बुद्धू कहो अपना बुद्धू कहो
हम सुनेंगे ख़ुशी से भी भर जाएँगे

मुश्किलों से मिलेंगे बहुत दिन के बा'द
तो न कहना ये हम को कि घर जाएँगे

तुम तो समझो ज़रा अपने तोयेश को
तुम कहोगे तो वो भी सुधर जाएँगे

— Toyesh prakash

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