फूलों का ये दामन तो काँटों ने सँभाला है
काँटों की मोहब्बत का अंदाज़ निराला है
हम हार नहीं सकते जीना है जिएंगे भी
जीवन में अँधेरा हो आँखों में उजाला है
इंसान बना कर यूँ भगवान ने मुझ को तो
जिस राह पे मैं मैं हो उस राह पे डाला है
ये इश्क़ नशा अज़-ख़ुद कुछ ऐसे ही होता है
आँखों की ही हाला है, आँखों का ही प्याला है
तोयेश ने देखा है ये रोज़ का आलम है
बारिश तो न आएगी बादल भले काला है
— Toyesh prakash















