जबमेघाआतीहै
सबकोपताचुलजाताहै
कभीउसकीहँसीसे
कभीउसकीख़ुशबूसे
कभीकानोंकेझुमके
कभीआँखकाकाजल
सबकोबतादेतेहैं
मेघाकहींक़रीबहीहै
उसकीहँसीकीखनकआज-कल
बड़ीगहरीहै
आँचलभीलहराएहैंमगर
कोईजानतानहींइससारीरौनक़से
परेएकदिलहै
जोधड़कनाबंदकरनेकोहै
साँसेंअक्सरघुटनेलगतीहैं
मगरमेघाजागतीहै
फिरसेख़ुदकोसँवारतीहै!