बा-वफ़ा या बे-वफ़ाई की कहानी
इश्क़ में तुम दो मुझे कोई निशानी
आलमारी में पुराने ख़त मिले कल
हैं नज़र के सामने यादें पुरानी
खेल ये जोखिम भरा है आशिक़ी का
पड़ भी सकती है यहाँ पर जाँ गवानी
प्यास आँखों की बुझाने को कहा था
उस के बदले दे गए आँखों में पानी
— Vedic Dwivedi















