हम ग़लत को अगर सही कहते
तुम ने जो कह दिया वही कहते
साथ थी ग़म में वो ख़ुशी में भी
है ये बेहतर उसे घड़ी कहते
जल गया दूध जो कड़ाही में
गांव में इस को खुर्चुनी कहते
नाम पर दंगे मेरे ना होते
आप भी मुझ को आदमी कहते
लौट कर सालों बा'द घर आया
मां न हों लोग अजनबी कहते
— Vedic Dwivedi















